कुरान - 50:45 सूरह क़ाफ़ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

45
نَّحۡنُ أَعۡلَمُ بِمَا يَقُولُونَۖ وَمَآ أَنتَ عَلَيۡهِم بِجَبَّارٖۖ فَذَكِّرۡ بِٱلۡقُرۡءَانِ مَن يَخَافُ وَعِيدِ

Transliteration: (Nahnu a'lamu bimaa yaqooloona wa maaa anta 'alaihim bijabbaarin fazakkir bil quraani many yakhaafu wa'eed)

हम ख़ूब जानते हैं जो कुछ वे कहते हैं, और आप उन पर कोई ज़बरदस्ती करने वाले (दरोगा) नहीं हैं; पस आप क़ुरआन के ज़रिए उसे नसीहत करते रहिए जो मेरी वईद (अज़ाब की चेतावनी) से डरता हो। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह क़ाफ़ आयत 45 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह क़ाफ़ - आयत 45

✅ क़ुरआन से तज़कीर और नबी का मन्सब

अल्लाह तआला ने फ़रमाया कि काफ़िरों की बातों की फ़िक्र न कीजिए; रसूल का काम सिर्फ़ हक़ का पैग़ाम पहुंचाना है, ज़बरदस्ती मनवाना नहीं। जो अल्लाह की पकड़ से डरता है, क़ुरआन उसके दिल में हिदायत की शमअ रौशन कर देता है।

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