कुरान - 50:39 सूरह क़ाफ़ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

39
فَٱصۡبِرۡ عَلَىٰ مَا يَقُولُونَ وَسَبِّحۡ بِحَمۡدِ رَبِّكَ قَبۡلَ طُلُوعِ ٱلشَّمۡسِ وَقَبۡلَ ٱلۡغُرُوبِ

Transliteration: (Fasbir 'alaa maa yaqooloona wa sabbih bihamdi Rabbika qabla tuloo'ish shamsi wa qablal ghuroob)

पस आप उनकी बातों पर सब्र कीजिए, और अपने रब की हम्द के साथ उसकी पाकी बयान कीजिए सूरज निकलने से पहले और उसके डूबने से पहले; (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह क़ाफ़ आयत 39 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह क़ाफ़ - आयत 39

✅ सब्र और सुबह-ओ-शाम की नमाज़ें

मुनकिरीन की बेहुदा बातों पर सब्र करने और सुबह (फ़ज्र) और असर की नमाज़ों और तस्बीहात के ज़रिए अल्लाह से ताल्लुक़ मज़बूत रखने की हिदायत दी गई।

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