कुरान - 50:37 सूरह क़ाफ़ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

37
إِنَّ فِي ذَٰلِكَ لَذِكۡرَىٰ لِمَن كَانَ لَهُۥ قَلۡبٌ أَوۡ أَلۡقَى ٱلسَّمۡعَ وَهُوَ شَهِيدٞ

Transliteration: (Inna fee zaalika lazikraa liman kaana lahoo qalbun aw alqas sam'a wa huwa shaheed)

बेशक इसमें नसीहत है हर उस शख़्स के लिए जिसके पास (बेदार) दिल हो या जो कान लगाकर सुने और वह हाज़िर-बाश (मुतवज्जेह) हो। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह क़ाफ़ आयत 37 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह क़ाफ़ - आयत 37

✅ नसीहत हासिल करने की शर्त

क़ुरआन की इन आयतों से वही फ़ायदा उठा सकता है जिसके पास सोचने-समझने वाला ज़िंदा दिल हो और जो पूरी तवज्जोह और यक़ीन के साथ कलामे इलाही को सुने।

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