कुरान - 50:1 सूरह क़ाफ़ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

1
قٓۚ وَٱلۡقُرۡءَانِ ٱلۡمَجِيدِ

Transliteration: (Qaaaf; wal Qur aanil Majeed)

क़ाफ़! अज़मत व बुज़ुर्गी वाले क़ुरआन की क़सम! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह क़ाफ़ आयत 1 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह क़ाफ़ - आयत 1

✅ हुरूफ़े मुक़त्तआत और क़ुरआने मजीद की अज़मत

सूरह क़ाफ़ हुरूफ़े मुक़त्तआत 'क़ाफ़' से शुरू होती है। अल्लाह तआला ने बुज़ुर्ग और आलीशान क़ुरआन की क़सम खाकर इस बात की ताकीद फ़रमाई कि नबी-ए-करीम (सल्ल.) सच्चे पैग़म्बर हैं और क़यामत बरहक़ है।

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