कुरान - 50:2 सूरह क़ाफ़ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

2
بَلۡ عَجِبُوٓاْ أَن جَآءَهُم مُّنذِرٞ مِّنۡهُمۡ فَقَالَ ٱلۡكَٰفِرُونَ هَٰذَا شَيۡءٌ عَجِيبٌ

Transliteration: (Bal 'ajibooo an jaa'ahum munzirum minhum faqaalal kaafiroona haazaa shai'un 'ajeeb)

बल्कि उन्हें इस बात पर ताज्जुब हुआ कि उनके पास उन्हीं में से एक डराने वाला (पैग़म्बर) आया, तो काफ़िर कहने लगे: 'यह तो एक बड़ी अजीब बात है!' (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह क़ाफ़ आयत 2 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह क़ाफ़ - आयत 2

✅ हमजिंस रसूल की आमद पर ताज्जुब

कुफ़्फ़ारे मक्का इस हक़ीक़त पर हैरान होते थे कि इंसानों की हिदायत के लिए फ़रिश्ते के बजाय उन्हीं की क़ौम का एक इंसान रसूल बनकर क्यों आया।

Sign up for Newsletter

×

Download Our Quran App

For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.

Download Now