कुरान - 50:5 सूरह क़ाफ़ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

5
بَلۡ كَذَّبُواْ بِٱلۡحَقِّ لَمَّا جَآءَهُمۡ فَهُمۡ فِيٓ أَمۡرٖ مَّرِيجٍ

Transliteration: (Bal kazzaboo bilhaqqi lammaa jaaa'ahum fahum feee amrim mareej)

बल्कि उन्होंने हक़ को झुठला दिया जब वह उनके पास आया, पस वे एक उलझन (तज़बज़ुब) की हालत में पड़े हुए हैं। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह क़ाफ़ आयत 5 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह क़ाफ़ - आयत 5

✅ हक़ को झुठलाने के बाद उलझन

जब इंसान हक़ को ठुकरा देता है तो उसका ज़ेहन मुज़्तरिब और परेशान हो जाता है; कभी रसूल को जादूगर कहते, कभी शायर, कभी काहिन—वे ख़ुद अपनी बातों में उलझ गए।

Sign up for Newsletter

×

Download Our Quran App

For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.

Download Now