कुरान - 50:42 सूरह क़ाफ़ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

42
يَوۡمَ يَسۡمَعُونَ ٱلصَّيۡحَةَ بِٱلۡحَقِّۚ ذَٰلِكَ يَوۡمُ ٱلۡخُرُوجِ

Transliteration: (Yawma yasmaoonas sai hata bilhaqq zaalika yawmul khurooj)

जिस दिन वे उस चीख़ (कड़क) को बिल्कुल सच सुन लेंगे; यही (क़ब्रों से) निकलने का दिन होगा! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह क़ाफ़ आयत 42 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह क़ाफ़ - आयत 42

✅ यौमुल ख़ुरूज (क़ब्रों से जी उठने का दिन)

सूर की वह हक़ीक़ी कड़क सुनते ही रूहें अपने-अपने जिस्मों में लौट आएंगी और इंसान ज़मीन फाड़कर बाहर निकल आएंगे।

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