कुरान - 50:44 सूरह क़ाफ़ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

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يَوۡمَ تَشَقَّقُ ٱلۡأَرۡضُ عَنۡهُمۡ سِرَاعٗاۚ ذَٰلِكَ حَشۡرٌ عَلَيۡنَا يَسِيرٞ

Transliteration: (Yawma tashaqqaqul ardu 'anhum siraa'aa; zaalika hashrun 'alainaa yaseer)

जिस दिन ज़मीन उनके ऊपर से फट जाएगी और वे तेज़ी से दौड़ते हुए निकलेंगे; यह ऐसा इकट्ठा करना है जो हमारे लिए बहुत आसान है। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह क़ाफ़ आयत 44 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह क़ाफ़ - आयत 44

✅ मैदान-ए-हश्र में जमा होना

क़ब्रों के फटते ही अरबों इंसान एक ही लम्हे में मैदान-ए-हश्र की तरफ़ दौड़ पड़ेंगे; तमाम मख़लूक़ात को एक जगह जमा करना अल्लाह की क़ुदरत के लिए निहायत आसान है।

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