कुरान - 50:19 सूरह क़ाफ़ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

19
وَجَآءَتۡ سَكۡرَةُ ٱلۡمَوۡتِ بِٱلۡحَقِّۖ ذَٰلِكَ مَا كُنتَ مِنۡهُ تَحِيدُ

Transliteration: (Wa jaaa'at sakratul mawti bilhaqq; zaalika maa kunta minhu taheed)

और मौत की बेहोशी (सकराते मौत) हक़ के साथ आ पहुंची; यही वह चीज़ है जिससे तू भागता था! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह क़ाफ़ आयत 19 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह क़ाफ़ - आयत 19

✅ सकराते मौत की हक़ीक़त

मौत की सख़्ती और जांकनी का वक़्त यक़ीनी तौर पर आकर रहता है; दुनिया में इंसान जिससे बचने की तदबीरें करता है, मौत उसे धर दबोचती है।

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