कुरान - 50:33 सूरह क़ाफ़ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

33
مَّنۡ خَشِيَ ٱلرَّحۡمَٰنَ بِٱلۡغَيۡبِ وَجَآءَ بِقَلۡبٖ مُّنِيبٍ

Transliteration: (Man khashiyar Rahmaana bilghaibi wa jaaa'a biqalbim muneeb)

'जो रहमान से बे-देखे डरता रहा और रुजू करने वाला दिल लेकर आया;' (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह क़ाफ़ आयत 33 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह क़ाफ़ - आयत 33

✅ ख़शियत बिल-ग़ैब और क़ल्बे मुनीब

सच्चा मोमिन तन्हाई में भी अल्लाह से डरता है और दुनिया से ऐसा दिल लेकर रुख़्सत होता है जो हमेशा अल्लाह की मोहब्बत और इताअत में झुका रहा।

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