कुरान - 38:38 सूरह साद अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

38
وَءَاخَرِينَ مُقَرَّنِينَ فِي ٱلۡأَصۡفَادِ

Transliteration: (Wa aakhareena muqarraneena fil asfaad)

और दूसरों को ज़ंजीरों में जकड़े हुए [80]! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह साद आयत 38 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह साद तफ़सीर - आयत 38

"और दूसरों को ज़ंजीरों में जकड़े हुए [80]!"

[80] सरकश जिन्नों की क़ैद

जो जिन्नात और शयातीन नाफ़रमानी या शरारत करते, उन्हें हज़रत सुलैमान के हुक्म से ज़ंजीरों और बेड़ियों में जकड़ दिया जाता था। इससे मालूम हुआ कि अल्लाह के मुक़र्रब बंदों का रोब व इख़्तियार शैतानी ताक़तों पर ग़ालिब रहता है।

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