Transliteration: (Fa sakharnaa lahur reeha tajree bi amrihee rukhaaa'an haisu asaab)
"तो हमने उनके लिए हवा को ताबे कर दिया जो उनके हुक्म से नर्मी के साथ चलती थी [77], जहाँ वे चाहते थे [78]!"
अल्लाह तआला ने हवा को हज़रत सुलैमान के ताबे फ़रमा दिया। वह आपके हुक्म से एक महीने की मुसाफ़त सुबह में और एक महीने की मुसाफ़त शाम में तय करती थी।
हज़रत सुलैमान जिधर चाहते, हवा आपके तख़्त और लश्कर को लेकर उड़ जाती थी, जो अल्लाह की कुदरत और आपके मोजिज़े का खुला सुबूत था।
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