Transliteration: (Wa laqad fatannaa Sulaimaana wa alqainaa 'alaa kursiyyihee jasadan summa anaab)
"और बेशक हमने सुलैमान को आज़माया [72] और उनके तख़्त पर एक बेजान जिस्म डाल दिया [73], फिर उन्होंने रुजूअ किया।"
हज़रत सुलैमान (अलैहिस्सलाम) ने एक मर्तबा इरादा फ़रमाया कि आज रात मैं अपनी बीवियों के पास जाऊँगा ताकि हर एक से मुजाहिद बेटा पैदा हो जो अल्लाह की राह में लड़े, मगर "इंशा-अल्लाह" कहना भूल गए। अंबिया की ज़रा सी भूल-चूक भी उनकी शान के मुताबिक़ आज़माइश बन जाती है ताकि उनके दरजात बुलंद हों।
सिर्फ़ एक बीवी के यहाँ हमल ठहरा और एक नाक़िस व बेजान बच्चा पैदा हुआ जिसे लाकर तख़्त पर रख दिया गया। हज़रत सुलैमान फ़ौरन मुतवज्जेह हुए और बारगाहे इलाही में गिड़गिड़ा कर रुजूअ फ़रमाया।
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