Transliteration: (Ruddoohaa 'alaiya fa tafiqa mas-ham bissooqi wal a'naaq)
"(सुलैमान ने हुक्म दिया:) उन्हें मेरे पास वापस लाओ [70]! फिर वे उनकी पिंडलियों और गर्दनों पर हाथ फेरने लगे [71]!"
हज़रत सुलैमान ने घोड़ों की रफ़्तार देखने के बाद उन्हें दोबारा अपने पास बुलाने का हुक्म दिया ताकि उनका मज़ीद मुआइना फ़रमाएं।
आपने शफ़क़त व मुहब्बत से उनकी गर्दनों और पिंडलियों पर हाथ फेरा। बाज़ इस्राईली रिवायतों में जो ज़िक्र है कि उन्होंने घोड़ों को क़त्ल कर दिया, वह सरासर बातिल और शान-ए-नबूवत के ख़िलाफ़ है। जिहाद के जानवरों की देख-रेख और उनसे शफ़क़त अंबिया की सुन्नत है।
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