कुरान - 38:55 सूरह साद अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

55
هَٰذَاۚ وَإِنَّ لِلطَّـٰغِينَ لَشَرَّ مَـَٔابٖ

Transliteration: (Haazaa; wa inna littaagheena lasharra ma-aab)

यह तो (ईमान वालों के लिए) है [105], और बेशक सरकशों के लिए बहुत बुरा ठिकाना है [106], (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह साद आयत 55 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह साद तफ़सीर - आयत 55

"यह तो (ईमान वालों के लिए) है [105], और बेशक सरकशों के लिए बहुत बुरा ठिकाना है [106],"

[105] मोमिनीन के लिए जन्नत

ये तमाम बा-बरकत नेअमतें अल्लाह के फ़रमांबरदार बंदों के लिए मख़सूस हैं।

[106] सरकशों के लिए जहन्नम

काफ़िरों और सरकशों के लिए दर्दनाक जहन्नम है जो दायमी अज़ाब का घर है।

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