कुरान - 38:59 सूरह साद अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

59
هَٰذَا فَوۡجٞ مُّقۡتَحِمٞ مَّعَكُمۡ لَا مَرۡحَبَۢا بِهِمۡۚ إِنَّهُمۡ صَالُواْ ٱلنَّارِ

Transliteration: (Haazaa fawjun muqtahimun ma'akum laa marhaban bihim; innahum saalun Naar)

(उनसे कहा जाएगा:) यह एक और गिरोह तुम्हारे साथ धँसा चला आ रहा है [109]! न खुश-आमदीद हो उनके लिए, बेशक वे आग में झुलसने वाले हैं! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह साद आयत 59 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह साद तफ़सीर - आयत 59

"(उनसे कहा जाएगा:) यह एक और गिरोह तुम्हारे साथ धँसा चला आ रहा है [109]! न खुश-आमदीद हो उनके लिए, बेशक वे आग में झुलसने वाले हैं!"

[109] सरदारों और पैरवीकारों का हौलनाक दाख़िला

पहले गुमराही के पेशवा जहन्नम में जाएंगे, फिर उनके पीछे अवाम का हुजूम आएगा। वे एक दूसरे को देखकर लानत और नफ़रत करेंगे।

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