कुरान - 38:60 सूरह साद अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

60
قَالُواْ بَلۡ أَنتُمۡ لَا مَرۡحَبَۢا بِكُمۡۖ أَنتُمۡ قَدَّمۡتُمُوهُ لَنَاۖ فَبِئۡسَ ٱلۡقَرَارُ

Transliteration: (Qaaloo bal antum laa marhaban bikum; antum qaddamtumoohu lanaa fabi'sal qaraar)

वे बोलेंगे: बल्कि तुम! तुम्हारे लिए भी कोई खुश-आमदीद नहीं [110]! तुम ही तो यह मुसीबत हमारे आगे लाए, तो क्या ही बुरा ठिकाना है! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह साद आयत 60 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह साद तफ़सीर - आयत 60

"वे बोलेंगे: बल्कि तुम! तुम्हारे लिए भी कोई खुश-आमदीद नहीं [110]! तुम ही तो यह मुसीबत हमारे आगे लाए, तो क्या ही बुरा ठिकाना है!"

[110] जहन्नमियों का बाहमी झगड़ा

पैरवी करने वाले अपने सरदारों से कहेंगे कि तुम ही ने हमें बहकाया और कुफ़्र के रास्ते पर लगाया, लिहाज़ा तुम भी लानत और ज़िल्लत के हक़दार हो।

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