कुरान - 38:61 सूरह साद अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

61
قَالُواْ رَبَّنَا مَن قَدَّمَ لَنَا هَٰذَا فَزِدۡهُ عَذَابٗا ضِعۡفٗا فِي ٱلنَّارِ

Transliteration: (Qaaloo Rabbanaa man qaddama lanaa haazaa fa zidhu 'azaaban di'fan fin Naar)

वे कहेंगे: ऐ हमारे रब! जिसने हमारे सामने यह मुसीबत पेश की, उसके लिए आग में दोगुना अज़ाब बढ़ा दे [112]! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह साद आयत 61 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह साद तफ़सीर - आयत 61

"वे कहेंगे: ऐ हमारे रब! जिसने हमारे सामने यह मुसीबत पेश की, उसके लिए आग में दोगुना अज़ाब बढ़ा दे [112]!"

[112] सरदारों के लिए दोगुने अज़ाब की फ़रियाद

जहन्नम में शदीद ग़ुस्से और बेबसी के आलम में पैरवी करने वाले अवाम अल्लाह की बारगाह में अपने गुमराह करने वाले सरदारों और पेशवाओं के ख़िलाफ़ बद-दुआ करेंगे कि परवरदिगार! इन्होंने ही हमें बहका कर कुफ़्र की राह पर डाला था, लिहाज़ा इन्हें आग का दोगुना अज़ाब दिया जाए।

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