कुरान - 38:65 सूरह साद अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

65
قُلۡ إِنَّمَآ أَنَا۠ مُنذِرٞۖ وَمَا مِنۡ إِلَٰهٍ إِلَّا ٱللَّهُ ٱلۡوَٰحِدُ ٱلۡقَهَّارُ

Transliteration: (Qul innamaaa ana munzirunw wa maa min laahin illal laahul Waahidul Qahhaar)

आप फ़रमा दीजिए: मैं तो बस एक डराने वाला हूँ [117], और अल्लाह के सिवा कोई सच्चा माबूद नहीं, जो यकता है, सब पर ग़ालिब (क़ह्हारी) है [118]! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह साद आयत 65 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह साद तफ़सीर - आयत 65

"आप फ़रमा दीजिए: मैं तो बस एक डराने वाला हूँ [117], और अल्लाह के सिवा कोई सच्चा माबूद नहीं, जो यकता है, सब पर ग़ालिब (क़ह्हारी) है [118]!"

[117] हुज़ूर ﷺ की मुक़द्दस शान

हुज़ूर सय्यिदे आलम ﷺ काफ़िरों के लिए डराने वाले और मोमिनीन के लिए बशारत व रहमत देने वाले हैं।

[118] अल-क़ह्र - ज़बरदस्त क़ह्र वाला

अल्लाह तआला ही वाहिद और क़ह्र वाला है जिसके क़ह्र और दबदबे के आगे कायनात की हर चीज़ आजिज़ और बेबस है। बुज़ुर्गों ने फ़रमाया कि रोज़ाना एक हज़ार बार "या क़ह्तारु" का विर्द करने से मख़्लूक़ का ख़ौफ़ दिल से निकल जाता है।

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