Transliteration: (Qul innamaaa ana munzirunw wa maa min laahin illal laahul Waahidul Qahhaar)
"आप फ़रमा दीजिए: मैं तो बस एक डराने वाला हूँ [117], और अल्लाह के सिवा कोई सच्चा माबूद नहीं, जो यकता है, सब पर ग़ालिब (क़ह्हारी) है [118]!"
हुज़ूर सय्यिदे आलम ﷺ काफ़िरों के लिए डराने वाले और मोमिनीन के लिए बशारत व रहमत देने वाले हैं।
अल्लाह तआला ही वाहिद और क़ह्र वाला है जिसके क़ह्र और दबदबे के आगे कायनात की हर चीज़ आजिज़ और बेबस है। बुज़ुर्गों ने फ़रमाया कि रोज़ाना एक हज़ार बार "या क़ह्तारु" का विर्द करने से मख़्लूक़ का ख़ौफ़ दिल से निकल जाता है।
For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.
संबंधित आयात (विषय) / Related Ayat