कुरान - 38:9 सूरह साद अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

9
أَمۡ عِندَهُمۡ خَزَآئِنُ رَحۡمَةِ رَبِّكَ ٱلۡعَزِيزِ ٱلۡوَهَّابِ

Transliteration: (Am'indahum khazaaa 'inu rahmati Rabbikal 'Azeezil Wahhab)

क्या उनके पास आपके इज़्ज़त वाले, बड़े दाता रब की रहमत के ख़ज़ाने हैं [16]? (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह साद आयत 9 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह साद तफ़सीर - आयत 9

"क्या उनके पास आपके इज़्ज़त वाले, बड़े दाता रब की रहमत के ख़ज़ाने हैं [16]?"

[16] नबूवत इलाही अता और रहमत है

यह आयत मुशरिकीन की जहालत पर तंज़िया मलामत करती है कि क्या अल्लाह के ख़ज़ाने उनके इख़्तियार में हैं कि वे फ़ैसला करें कि किसे नबूवत मिले?

नबूवत महज़ अता-ए-इलाही है, जो किसी की ज़ाती कोशिश, माल या ख़ानदान से हासिल नहीं होती। नबूवत हमेशा वहबी होती है, जबकि विलायत वहबी भी होती है और कसब से भी मिलती है। अल्लाह तआला ही अज़ीज़ और वहाब है और जिसे चाहता है अपनी रहमत से नवाज़ता है।

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