कुरान - 12:13 सूरह यूहफ़़ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

13
قَالَ إِنِّي لَيَحۡزُنُنِيٓ أَن تَذۡهَبُواْ بِهِۦ وَأَخَافُ أَن يَأۡكُلَهُ ٱلذِّئۡبُ وَأَنتُمۡ عَنۡهُ غَٰفِلُونَ

Transliteration: (Qaala innee la yahzununeee an tazhaboo bihee wa akhaafu any ya'kulahuz zi'bu wa antum 'anhu ghaafiloon)

याक़ूब ने कहा, "मुझे यह बात दुखी करती है कि तुम उसे ले जाओ, और मुझे इस बात का डर है कि कहीं भेड़िया उसे न खा जाए जबकि तुम उससे बेख़बर (खेल में मस्त) रहो।" (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह यूहफ़़ आयत 13 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह यूसुफ़ – आयत 13 का हिन्दी अनुवाद और तफ़्सीर

✅ [1] हज़रत याक़ूब का अंदेशा और भाइयों को बहाना मिलना

हज़रत याक़ूब को एक पल के लिए भी यूसुफ़ का जुदा होना गवारा न था। उन्होंने जंगली भेड़ियों के ख़तरे का ज़िक्र किया। भाइयों ने पिता के इसी अंदेशे को बाद में अपना झूठा बहाना बना लिया।

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