कुरान - 12:11 सूरह यूहफ़़ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

11
قَالُواْ يَـٰٓأَبَانَا مَا لَكَ لَا تَأۡمَ۬نَّا عَلَىٰ يُوسُفَ وَإِنَّا لَهُۥ لَنَٰصِحُونَ

Transliteration: (Qaaloo yaaa abaanaa maa laka laa ta'mannaa 'alaa Yoosufa wa innaa lahoo lanaa sihoon)

उन्होंने कहा, "ऐ हमारे पिता! आपको क्या हो गया है कि आप यूसुफ़ के मामले में हम पर भरोसा नहीं करते, जबकि हम तो उसके सच्चे शुभचिंतक (ख़ैरख़्वाह) हैं?" (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह यूहफ़़ आयत 11 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह यूसुफ़ – आयत 11 का हिन्दी अनुवाद और तफ़्सीर

✅ [1] कपटपूर्ण हमदर्दी का प्रदर्शन

भाइयों ने पिता के पास आकर अत्यंत विनम्रता और हमदर्दी का नाटक किया कि आप हमें यूसुफ़ से दूर क्यों रखते हैं, हम तो उसके सगे बड़े भाई हैं और उसकी भलाई चाहते हैं।

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