कुरान - 12:10 सूरह यूहफ़़ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

10
قَالَ قَآئِلٞ مِّنۡهُمۡ لَا تَقۡتُلُواْ يُوسُفَ وَأَلۡقُوهُ فِي غَيَٰبَتِ ٱلۡجُبِّ يَلۡتَقِطۡهُ بَعۡضُ ٱلسَّيَّارَةِ إِن كُنتُمۡ فَٰعِلِينَ

Transliteration: (Qaalaa qaaa'ilum minhum laa taqtuloo Yoosufa wa alqoohu fee ghayaabatil jubbi yaltaqithu badus sai yaarati in kuntum faa 'ileen)

उनमें से एक कहने वाले (यहूदा/रूबिल) ने कहा, "यूसुफ़ को मारो मत, बल्कि उसे किसी गहरे अंधे कुएँ में डाल दो; कोई गुज़रने वाला क़ाफ़िला उसे निकाल लेगा, यदि तुम्हें कुछ करना ही है।" (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह यूहफ़़ आयत 10 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह यूसुफ़ – आयत 10 का हिन्दी अनुवाद और तफ़्सीर

✅ [1] हत्या के बजाय कुएँ में फेंकने की तजवीज़

भाइयों में से बड़े या समझदार भाई ने हत्या के भयानक पाप से बचने के लिए सुझाव दिया कि जान से न मारो, बल्कि रास्ते के किसी गहरे सूखे कुएं में डाल दो ताकि कोई परदेसी मुसाफ़िर उसे ले जाए और वह पिता की नज़रों से दूर हो जाए।

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