कुरान - 12:8 सूरह यूहफ़़ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

8
إِذۡ قَالُواْ لَيُوسُفُ وَأَخُوهُ أَحَبُّ إِلَىٰٓ أَبِينَا مِنَّا وَنَحۡنُ عُصۡبَةٌ إِنَّ أَبَانَا لَفِي ضَلَٰلٖ مُّبِينٍ

Transliteration: (Iz qaaloo la Yoosufu wa akhoohu ahabbu ilaaa Abeenaa minnaa wa nahnu 'usbatun; inna abaanaa lafee dalaalim mubeen)

जब उन (भाइयों) ने कहा, "निस्संदेह, यूसुफ़ और उसका (सगा) भाई हमारे पिता को हम सब से अधिक प्रिय हैं, जबकि हम एक शक्तिशाली जत्था (मज़बूत गिरोह) हैं; बेशक हमारे पिता खुली भूल में हैं!" (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह यूहफ़़ आयत 8 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह यूसुफ़ – आयत 8 का हिन्दी अनुवाद और तफ़्सीर

✅ [1] हसद (ईर्ष्या) की शुरुआत

हज़रत यूसुफ़ और उनके सगे छोटे भाई बिन्यामीन की माँ (राहील) का बचपन में ही देहांत हो गया था और यूसुफ़ में अद्भुत सौम्यता और नेकी थी, इसलिए हज़रत याक़ूब उनसे विशेष स्नेह रखते थे। बाक़ी दस सौतेले भाइयों ने अपनी ताक़त और संख्या पर घमंड करते हुए पिता के इस स्वाभाविक प्रेम को पक्षपात समझा और हसद की आग में जलने लगे।

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