कुरान - 12:6 सूरह यूहफ़़ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

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وَكَذَٰلِكَ يَجۡتَبِيكَ رَبُّكَ وَيُعَلِّمُكَ مِن تَأۡوِيلِ ٱلۡأَحَادِيثِ وَيُتِمُّ نِعۡمَتَهُۥ عَلَيۡكَ وَعَلَىٰٓ ءَالِ يَعۡقُوبَ كَمَآ أَتَمَّهَا عَلَىٰٓ أَبَوَيۡكَ مِن قَبۡلُ إِبۡرَٰهِيمَ وَإِسۡحَٰقَۚ إِنَّ رَبَّكَ عَلِيمٌ حَكِيمٞ

Transliteration: (Wa kazaalika yajtabeeka rabbuka wa yu'allimuka min ta'weelil ahaadeesi wa yutimmu ni'matahoo 'alaika wa 'alaaa Aali Ya'qooba kamaaa atammahaa 'alaaa abawaika min qablu Ibraaheema wa Ishaaq; inna Rabbaka 'Aleemun hakeem)

"और इसी प्रकार आपका रब आपको चुन लेगा और आपको बातों की तह (सपनों की ताबीर/हिकमत) का ज्ञान सिखाएगा, और अपनी नेमत आप पर और याक़ूब के घराने पर पूरी करेगा जिस प्रकार उसने इससे पहले आपके पूर्वजों—इबराहीम और इसहाक़—पर पूरी की थी; निस्संदेह, आपका रब सर्वज्ञ (अलीम), तत्वदर्शी (हकीम) है।" (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह यूहफ़़ आयत 6 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह यूसुफ़ – आयत 6 का हिन्दी अनुवाद और तफ़्सीर

✅ [1] 'तावील-उल-अहादीस' (ख़्वाबों और बातों की हिकमत)

अल्लाह ने हज़रत यूसुफ़ को ख़्वाबों की सही ताबीर निकालने और इंसानी मामलात की तह तक पहुँचने की अद्वितीय बुद्धिमत्ता बख़्शी।

✅ [2] इबराहीमी ख़ानदान की नुबुव्वत

हज़रत यूसुफ़ को यह सौभाग्य मिला कि वे स्वयं नबी थे, उनके पिता याक़ूब नबी थे, उनके दादा इसहाक़ नबी थे और उनके परदादा इबराहीम खलीलुल्लाह थे। हदीस में नबी ﷺ ने यूसुफ़ को 'करीम इब्न-ए-करीम इब्न-ए-करीम इब्न-ए-करीम' (महान के बेटे, महान के पोते, महान के परपोते) फ़रमाया।

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