कुरान - 12:7 सूरह यूहफ़़ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

7
۞لَّقَدۡ كَانَ فِي يُوسُفَ وَإِخۡوَتِهِۦٓ ءَايَٰتٞ لِّلسَّآئِلِينَ

Transliteration: (Laqad kaana fee Yoosufa wa ikhwatiheee Aayaatul lissaaa'ileen)

निस्संदेह, यूसुफ़ और उनके भाइयों (के वृत्तांत) में पूछने वालों के लिए बड़ी निशानियां (और सबक़) हैं। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह यूहफ़़ आयत 7 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह यूसुफ़ – आयत 7 का हिन्दी अनुवाद और तफ़्सीर

✅ [1] विचार करने वालों के लिए ईश्वरीय निशानियां

इस वाक़िए में इंसानी समाज के लिए अनगिनत सबक़ हैं: हसद का बुरा अंजाम, सब्र का मीठा फल, अल्लाह की गुप्त तदबीर का हर मानवीय साज़िश पर ग़ालिब आना, और पाक दामनी की बरकत।

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