कुरान - 12:70 सूरह यूहफ़़ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

70
فَلَمَّا جَهَّزَهُم بِجَهَازِهِمۡ جَعَلَ ٱلسِّقَايَةَ فِي رَحۡلِ أَخِيهِ ثُمَّ أَذَّنَ مُؤَذِّنٌ أَيَّتُهَا ٱلۡعِيرُ إِنَّكُمۡ لَسَٰرِقُونَ

Transliteration: (Falammaa jahhazahum bijahaazihim ja'alas siqaayata fee rahli akheehi summa azzana mu'azzinun ayyatuhal'eeru innakum lasaariqoon)

फिर जब यूसुफ़ ने उनका सामान तैयार करवा दिया, तो पानी पीने का (शाही) प्याला अपने भाई (बिन्यामीन) के सामान में रखवा दिया; फिर एक पुकारने वाले ने आवाज़ दी, "ऐ क़ाफ़िले वालो! निस्संदेह, तुम लोग चोर हो!" (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह यूहफ़़ आयत 70 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह यूसुफ़ – आयत 70 का हिन्दी अनुवाद और तफ़्सीर

✅ [1] बिन्यामीन को रोकने की ईश्वरीय तदबीर

हज़रत यूसुफ़ अपने प्यारे भाई को अपने पास रखना चाहते थे, लेकिन मिस्र के राजकीय क़ानून के तहत बिना किसी ठोस वजह के किसी आज़ाद मुसाफ़िर को रोकना संभव न था। अतः अल्लाह की गुप्त योजना के तहत शाही प्याला बिन्यामीन की बोरी में रखा गया।

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