कुरान - 12:73 सूरह यूहफ़़ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

73
قَالُواْ تَٱللَّهِ لَقَدۡ عَلِمۡتُم مَّا جِئۡنَا لِنُفۡسِدَ فِي ٱلۡأَرۡضِ وَمَا كُنَّا سَٰرِقِينَ

Transliteration: (Qaaloo tallaahi laqad 'alimtum maa ji'na linufsida fil ardi wa maa kunnaa saariqeen)

भाइयों ने कहा, "अल्लाह की क़सम! तुम भली-भाँति जानते हो कि हम इस धरती में फ़साद (चोरी या उपद्रव) करने नहीं आए हैं, और न हम कभी चोर रहे हैं!" (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह यूहफ़़ आयत 73 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह यूसुफ़ – आयत 73 का हिन्दी अनुवाद और तफ़्सीर

✅ [1] नबी के बेटों की ईमानदारी का दावा

भाइयों ने कहा कि हम पैग़म्बरों की औलाद हैं; जब पिछली बार हमारे पैसे भूल से बोरियों में आ गए थे तो हम उन्हें लौटाने आए थे। ऐसा परिवार कभी चोरी जैसा घटिया काम नहीं कर सकता।

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