कुरान - 36:58 सूरह या-सीन अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

58
سَلَٰمٞ قَوۡلٗا مِّن رَّبّٖ رَّحِيمٖ

Transliteration: (Salaamun qawlam mir Rabbir Raheem)

"सलाम" — निहायत रहम फ़रमाने वाले रब की तरफ़ से फ़रमाया हुआ सलाम होगा [89]! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह या-सीन आयत 58 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह या-सीन तफ़सीर - आयत 58

"'सलाम' — निहायत रहम फ़रमाने वाले रब की तरफ़ से फ़रमाया हुआ सलाम होगा [89]!"

[89] रब्बे रहीम का सलाम और दीदारे इलाही

अल्लाह तआला ख़ुद बिला-वास्ता या फ़रिश्तों के ज़रिए अहले जन्नत को "सलाम" फ़रमाएगा। यह सलाम किसी दुआ के तौर पर नहीं (क्योंकि अल्लाह दुआ मांगने से पाक है), बल्कि रज़ा-ए-इलाही और अहले जन्नत के अज़ीम मर्तबे के इज़हार के लिए है। इस सलाम के साथ ही दीदारे इलाही की अज़ीम नेमत से मोमिनों की आंखें ठंडी होंगी।

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