कुरान - 10:78 सूरह यूनुस अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

78
قَالُوٓاْ أَجِئۡتَنَا لِتَلۡفِتَنَا عَمَّا وَجَدۡنَا عَلَيۡهِ ءَابَآءَنَا وَتَكُونَ لَكُمَا ٱلۡكِبۡرِيَآءُ فِي ٱلۡأَرۡضِ وَمَا نَحۡنُ لَكُمَا بِمُؤۡمِنِينَ

Transliteration: (Qaaloo aji'tanaa litalfitanaa 'ammaa wajadnaa 'alaihi aabaaa'anaa wa takoona lakumal kibriyaaa'u fil ardi wa maa nahnu lakumaa bi mu'mineen)

उन्होंने कहा, "क्या तुम हमारे पास इसलिए आए हो कि हमें उस (रास्ते) से फेर दो जिस पर हमने अपने बाप-दादा को पाया है, और ज़मीन में तुम दोनों की बड़ाई (हुकूमत) स्थापित हो जाए? और हम तुम दोनों पर कदापि ईमान लाने वाले नहीं हैं!" (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह यूनुस आयत 78 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह यूनुस – आयत 78 का हिन्दी अनुवाद और तफ़्सीर

✅ [1] सत्ता और परम्परा का राजनीतिक डर

फ़िरऔन और उसके सरदारों ने धार्मिक बहस को राजनीतिक रंग दे दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि मूसा और हारून का असल मक़सद धर्म सुधारना नहीं, बल्कि सत्ता हड़पना और हमारी परम्पराओं को नष्ट करना है। तानाशाह हमेशा धर्म प्रचारकों पर राजद्रोह का झूठा आरोप लगाते हैं।

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