कुरान - 10:109 सूरह यूनुस अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

109
وَٱتَّبِعۡ مَا يُوحَىٰٓ إِلَيۡكَ وَٱصۡبِرۡ حَتَّىٰ يَحۡكُمَ ٱللَّهُۚ وَهُوَ خَيۡرُ ٱلۡحَٰكِمِينَ

Transliteration: (Wattabi' maa yoohaaa ilaika wasbir hattaa yahkumal laah; wa Huwa khairul haakimeen)

और (ऐ पैग़म्बर!) आप उस चीज़ का पालन करते रहिए जो आपकी ओर वह्य की जा रही है, और सब्र से काम लीजिए यहाँ तक कि अल्लाह फ़ैसला कर दे; और वह सबसे उत्तम फ़ैसला करने वाला है। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह यूनुस आयत 109 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह यूनुस – आयत 109 का हिन्दी अनुवाद और तफ़्सीर

✅ [1] सूरह यूनुस का गरिमामयी समापन: वह्य का पालन और सब्र

सूरह यूनुस का अंत दो सुनहरे सिद्धांतों पर होता है:
1. किताब व सुन्नत की पैरवी: अल्लाह की भेजी हुई वह्य पर निष्ठापूर्वक अमल करना।
2. सब्र और धैर्य: विरोधियों की धमकियों और मुश्किलों के मुक़ाबले में धैर्य रखना।
अल्लाह ही सर्वोत्तम न्यायधीश है, जो बहुत जल्द सत्य को विजयी और असत्य को पराजित करेगा।

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