कुरान - 10:104 सूरह यूनुस अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

104
قُلۡ يَـٰٓأَيُّهَا ٱلنَّاسُ إِن كُنتُمۡ فِي شَكّٖ مِّن دِينِي فَلَآ أَعۡبُدُ ٱلَّذِينَ تَعۡبُدُونَ مِن دُونِ ٱللَّهِ وَلَٰكِنۡ أَعۡبُدُ ٱللَّهَ ٱلَّذِي يَتَوَفَّىٰكُمۡۖ وَأُمِرۡتُ أَنۡ أَكُونَ مِنَ ٱلۡمُؤۡمِنِينَ

Transliteration: (Qul yaaa ayyuhan naasu in kuntum fee shakk-in min deenee fa laa a'budul lazeena ta'budoona min doonil laahi wa laakin a'budul laahal lazee yatawaffaakum wa umirtu an akoona minal mu'mineen)

कह दीजिए, "ऐ लोगो! यदि तुम मेरे दीन (धर्म) के विषय में किसी संदेह में हो, तो (सुन लो!) मैं उनकी इबादत नहीं करता जिनकी तुम अल्लाह को छोड़कर इबादत करते हो, बल्कि मैं उस अल्लाह की इबादत करता हूँ जो तुम्हारी रूहें क़ब्ज़ करता (तुम्हें मृत्यु देता) है; और मुझे हुक्म दिया गया है कि मैं ईमान वालों में से रहूँ।" (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह यूनुस आयत 104 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह यूनुस – आयत 104 का हिन्दी अनुवाद और तफ़्सीर

✅ [1] तौहीद का निर्भीक और स्पष्ट ऐलान

नबी करीम ﷺ ने पूरी दुनिया के सामने दोटूक घोषणा कर दी कि यदि तुम्हें मेरे दीन पर कोई शक है तो अच्छी तरह समझ लो कि मैं तुम्हारे झूठे पूज्यों को कभी नहीं पूज सकता। मैं केवल उस सर्वशक्तिमान अल्लाह की बंदगी करता हूँ जिसकी मुट्ठी में तुम्हारी ज़िंदगी और मौत है।

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