कुरान - 10:1 सूरह यूनुस अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

1
الٓرۚ تِلۡكَ ءَايَٰتُ ٱلۡكِتَٰبِ ٱلۡحَكِيمِ

Transliteration: (Alif-Laaam-Raa; tilka Aayaatul Kitaabil Hakeem)

अलिफ़-लाम-रा। ये हिकमत (बुद्धिमत्ता) से भरी किताब की आयतें हैं। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह यूनुस आयत 1 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह यूनुस – आयत 1 का हिन्दी अनुवाद और तफ़्सीर

✅ [1] “अलिफ़-लाम-रा” (हुरूफ-ए-मुक़त्तआत)

ये वे गुप्त अक्षर हैं जिनके वास्तविक अर्थ का ज्ञान केवल अल्लाह तआला को है। इन अक्षरों के माध्यम से क़ुरआन की अलौकिकता (एजाज़) को प्रकट किया गया है कि यह ग्रंथ उन्हीं अरबी अक्षरों से बना है जो इंसानों की आम बोलचाल में इस्तेमाल होते हैं, फिर भी कोई इंसान या जिन्न इसके समान एक छोटी सी सूरह भी प्रस्तुत नहीं कर सकता।

✅ [2] “किताब-ए-हकीम” (हिकमत से भरी किताब)

क़ुरआन मजीद को 'हकीम' कहा गया है, जिसका अर्थ है बुद्धिमत्ता, ज्ञान और न्याय से परिपूर्ण ग्रंथ। यह इंसानों को व्यक्तिगत, सामाजिक और आध्यात्मिक जीवन में सत्य और असत्य का फ़र्क समझाती है और दोनों जहानों में वास्तविक सफलता और भलाई का मार्ग दिखाती है।

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