कुरान - 10:6 सूरह यूनुस अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

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إِنَّ فِي ٱخۡتِلَٰفِ ٱلَّيۡلِ وَٱلنَّهَارِ وَمَا خَلَقَ ٱللَّهُ فِي ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلۡأَرۡضِ لَأٓيَٰتٖ لِّقَوۡمٖ يَتَّقُونَ

Transliteration: (Inna fikh tilaafil laili wannahaari wa maa khalaqal laahu fis samaawaati wal ardi la aayaatin liqawminy yattaqoon)

निस्संदेह, रात और दिन के बारी-बारी से आने-जाने में और जो कुछ भी अल्लाह ने आसमानों और ज़मीन में पैदा किया है, उन सब में उन लोगों के लिए बड़ी निशानियां हैं जो (अल्लाह से) डरते हैं। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह यूनुस आयत 6 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह यूनुस – आयत 6 का हिन्दी अनुवाद और तफ़्सीर

✅ [1] रात और दिन का चक्र

रात का अंधेरा सुकून और आराम के लिए, और दिन का उजाला जीवनयापन और कार्य करने के लिए बनाया गया है। समय का यह नियमित चक्र अल्लाह तआला के महान प्रबंधन और एकता (तौहीद) का स्पष्ट प्रमाण है।

✅ [2] तक़्वा वालों के लिए निशानियां

यद्यपि ये निशानियां सबके सामने खुली हैं, लेकिन इनसे लाभ केवल वे ही लोग उठाते हैं जिनके दिलों में अल्लाह का डर (तक़्वा) और सत्य की खोज की भावना होती है।

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