कुरान - 10:8 सूरह यूनुस अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

8
أُوْلَـٰٓئِكَ مَأۡوَىٰهُمُ ٱلنَّارُ بِمَا كَانُواْ يَكۡسِبُونَ

Transliteration: (Ulaaa'ika ma'waahumun Naaru bimaa kaanoo yaksiboon)

यही वे लोग हैं जिनका ठिकाना जहन्नम (आग) है, उन बुराइयों के बदले जो वे कमाते रहे थे। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह यूनुस आयत 8 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह यूनुस – आयत 8 का हिन्दी अनुवाद और तफ़्सीर

✅ [1] ग़फ़लत और गुनाहों का अंजाम

जो लोग दुनिया की चमक-दमक में अंधे होकर आख़िरत और अल्लाह की निशानियों से मुंह मोड़ लेते हैं, उनका अंतिम ठिकाना दोज़ख़ की आग होगी। यह किसी ज़ुल्म के कारण नहीं बल्कि उनके अपने कमाए हुए कुफ़्र और नाफ़रमानी का न्यायसंगत परिणाम है।

Sign up for Newsletter

×

Download Our Quran App

For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.

Download Now