कुरान - 10:5 सूरह यूनुस अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

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هُوَ ٱلَّذِي جَعَلَ ٱلشَّمۡسَ ضِيَآءٗ وَٱلۡقَمَرَ نُورٗا وَقَدَّرَهُۥ مَنَازِلَ لِتَعۡلَمُواْ عَدَدَ ٱلسِّنِينَ وَٱلۡحِسَابَۚ مَا خَلَقَ ٱللَّهُ ذَٰلِكَ إِلَّا بِٱلۡحَقِّۚ يُفَصِّلُ ٱلۡأٓيَٰتِ لِقَوۡمٖ يَعۡلَمُونَ

Transliteration: (Huwal lazee ja'alash shamsa diyaaa'anw walqamara nooranw wa qaddarahoo manaazila li ta'lamoo 'adadas sineena walhisaab; maa khalaqal laahu zaalika illa bilhaqq; yufassilul aayaati li qawminy ya'lamoon)

वही है जिसने सूरज को चमकता हुआ (रोशनी का स्रोत) और चाँद को नूर (प्रतिबिंबित प्रकाश) बनाया और उसकी मंज़िलें निर्धारित कीं, ताकि तुम वर्षों की संख्या और (समय की) गणना जान सको। अल्लाह ने यह सब कुछ सत्य (हक़) और उद्देश्य के साथ ही पैदा किया है। वह उन लोगों के लिए निशानियों को खोल-खोल कर बयान करता है जो ज्ञान रखते हैं। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह यूनुस आयत 5 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह यूनुस – आयत 5 का हिन्दी अनुवाद और तफ़्सीर

✅ [1] सूरज की ज़िया और चाँद का नूर (वैज्ञानिक चमत्कार)

क़ुरआन ने सूरज के लिए 'ज़िया' (अपनी स्वयं की तेज़ रोशनी) और चाँद के लिए 'नूर' (सौम्य, प्रतिबिंबित रोशनी) शब्द इस्तेमाल किया है। आधुनिक खगोल विज्ञान ने भी सिद्ध किया है कि सूरज स्वयं प्रकाश उत्सर्जित करता है जबकि चाँद सूरज की रोशनी को प्रतिबिंबित करता है।

✅ [2] चाँद की मंज़िलें और कैलेंडर/समय की गणना

चाँद के घटने-बढ़ने और उसकी तयशुदा 28 मंज़िलों के ज़रिए इंसान महीनों, सालों और इस्लामी तारीखों (हिजरी कैलेंडर) का सटीक हिसाब रखते हैं। पूरी कायनात एक सटीक गणितीय और प्राकृतिक नियम के तहत चल रही है जो बेमक़सद नहीं है।

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