कुरान - 10:105 सूरह यूनुस अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

105
وَأَنۡ أَقِمۡ وَجۡهَكَ لِلدِّينِ حَنِيفٗا وَلَا تَكُونَنَّ مِنَ ٱلۡمُشۡرِكِينَ

Transliteration: (Wa an aqim wajhaka liddeeni Haneefanw wa laa takoonanna minal mushrikeen)

"और यह कि आप पूरी तरह एकनिष्ठ (हनीफ़) होकर अपने रुख़ को दीन की ओर सीधा रखें, और कदापि मुशरिकीन (शिर्क करने वालों) में से न होना।" (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह यूनुस आयत 105 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह यूनुस – आयत 105 का हिन्दी अनुवाद और तफ़्सीर

✅ [1] 'हनीफ़' (पूर्ण समर्पण) और शिर्क से दूरी

'हनीफ़' का अर्थ है हर ग़लत रास्ते और शिर्क से कटकर केवल एक अल्लाह की ओर अभिमुख हो जाना। जीवन के हर पहलू में तौहीद की शुद्धता को बनाए रखना मोमिन का सबसे बड़ा कर्तव्य है।

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