कुरान - 10:108 सूरह यूनुस अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

108
قُلۡ يَـٰٓأَيُّهَا ٱلنَّاسُ قَدۡ جَآءَكُمُ ٱلۡحَقُّ مِن رَّبِّكُمۡۖ فَمَنِ ٱهۡتَدَىٰ فَإِنَّمَا يَهۡتَدِي لِنَفۡسِهِۦۖ وَمَن ضَلَّ فَإِنَّمَا يَضِلُّ عَلَيۡهَاۖ وَمَآ أَنَا۠ عَلَيۡكُم بِوَكِيلٖ

Transliteration: (Qul yaaa ayyuhan naasu qad jaaa'akumul haqqu mir Rabbikum; famanih tadaa fa innamaa yahtadee li nafsih; wa man dalla fa innamaa yadillu 'alaihaa; wa maaa ana 'alaikum bi wakeel)

कह दीजिए, "ऐ लोगो! तुम्हारे पास तुम्हारे रब की ओर से सत्य (हक़) आ चुका है; अतः जो कोई सीधा मार्ग अपनाएगा वह अपने ही भले के लिए अपनाएगा, और जो भटकेगा वह अपने ही नुक़सान के लिए भटकेगा; और मैं तुम पर कोई ज़िम्मेदार (दारोग़ा) नहीं हूँ।" (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह यूनुस आयत 108 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह यूनुस – आयत 108 का हिन्दी अनुवाद और तफ़्सीर

✅ [1] व्यक्तिगत उत्तरदायित्व का पैग़ाम

हक़ और बातिल पूरी तरह स्पष्ट हो चुका है। नेक अमल करने का लाभ इंसान को स्वयं मिलेगा और बुराई का नुक़सान भी उसी की जान पर पड़ेगा। रसूल का कर्तव्य सत्य पहुँचा देना है, किसी के कर्मों का हिसाब लेना केवल अल्लाह का काम है।

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