कुरान - 10:77 सूरह यूनुस अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

77
قَالَ مُوسَىٰٓ أَتَقُولُونَ لِلۡحَقِّ لَمَّا جَآءَكُمۡۖ أَسِحۡرٌ هَٰذَا وَلَا يُفۡلِحُ ٱلسَّـٰحِرُونَ

Transliteration: (Qaalaa Moosaaa 'a taqooloona lil haqqi lammmaa jaaa'a kum 'a sihrun haazaa wa laa yuflihus saahiroon)

मूसा ने कहा, "क्या तुम सत्य के विषय में ऐसी बात कहते हो जब वह तुम्हारे पास आया? क्या यह जादू है? जबकि जादूगर कभी सफल नहीं होते!" (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह यूनुस आयत 77 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह यूनुस – आयत 77 का हिन्दी अनुवाद और तफ़्सीर

✅ [1] मोजिज़े और जादू का अंतर

हज़रत मूसा ने स्पष्ट किया कि जादू तो नज़रबंदी, भ्रम और असत्य पर आधारित एक चालबाज़ी होती है जो कभी टिक नहीं सकती। नबी का मोजिज़ाह ईश्वरीय शक्ति का प्रत्यक्ष चमत्कार होता है जो इंसानी ज़िंदगी को नेकी और पाकीज़गी की ओर बदल देता है।

Sign up for Newsletter

×

Download Our Quran App

For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.

Download Now