कुरान - 10:75 सूरह यूनुस अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

75
ثُمَّ بَعَثۡنَا مِنۢ بَعۡدِهِم مُّوسَىٰ وَهَٰرُونَ إِلَىٰ فِرۡعَوۡنَ وَمَلَإِيْهِۦ بِـَٔايَٰتِنَا فَٱسۡتَكۡبَرُواْ وَكَانُواْ قَوۡمٗا مُّجۡرِمِينَ

Transliteration: (Thumma ba'asnaa min ba'dihim Moosaa Wa Haaroona ilaa Fir'awna wa mala'ihee bi aayaatinaa fastakbaroo wa kaanoo qawman mujrimeen)

फिर उनके बाद हमने मूसा और हारून को अपनी निशानियों के साथ फ़िरऔन और उसके दरबारियों की ओर भेजा, लेकिन उन्होंने घमंड किया और वे बड़े अपराधी लोग थे। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह यूनुस आयत 75 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह यूनुस – आयत 75 का हिन्दी अनुवाद और तफ़्सीर

✅ [1] हज़रत मूसा व हारून (अलैहिमुस्सलाम) की फ़िरऔन के दरबार में आमद

अल्लाह ने हज़रत मूसा और उनके भाई हज़रत हारून को मोजिज़ों (लाठी का अज़दहा बनना, चमकता हुआ हाथ) के साथ मिस्र के सबसे अहंकारी तानाशाह फ़िरऔन के पास भेजा। लेकिन सत्ता और शक्ति के घमंड ने उसे अंधा कर दिया और उसने ईश्वरीय संदेश को ठुकरा दिया।

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