कुरान - 44:54 सूरह अद-दुखान अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

54
كَذَٰلِكَ وَزَوَّجۡنَٰهُم بِحُورٍ عِينٖ

Transliteration: (Kazaalika wa zawwajnaahum bihoorin 'een)

यूँ ही होगा, और हम बड़ी-बड़ी सियाह और रौशन आँखों वाली हूरों [56] से उनका निकाह कर देंगे। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अद-दुखान आयत 54 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अद-दुख़ान तफ़सीर - आयत 54

"यूँ ही होगा, और हम बड़ी-बड़ी सियाह और रौशन आँखों वाली हूरों [56] से उनका निकाह कर देंगे।"

[56] जन्नत की हूरों की हक़ीक़त और निकाह

इससे मालूम हुआ कि जन्नत वालों का निकाह हूरों से पहले ही तयशुदा और वाक़ेअ है। इसके अलावा, दुनिया में निकाह के लिए हम-जिंस (इंसान का इंसान से) होना जो शर्त है, आख़िरत में वह शर्त लाज़िम नहीं, क्योंकि हूरें इंसान नहीं हैं बल्कि नूरानी मख़लूक़ हैं, इसके बावजूद जन्नत में इंसानों से उनका निकाह होगा।

चूँकि हूरों की आँखें बेहद दिलकश, बड़ी और चमकती हुई होंगी, इसलिए उन्हें ‘हूरीन’ (बड़ी और हसीन आँखों वाली) फ़रमाया गया।

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