कुरान - 44:55 सूरह अद-दुखान अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

55
يَدۡعُونَ فِيهَا بِكُلِّ فَٰكِهَةٍ ءَامِنِينَ

Transliteration: (Yad'oona feehaa bikulli faakihatin aamineen)

वे वहाँ हर क़िस्म के फल अम्न व इत्मीनान [58] से तलब करेंगे। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अद-दुखान आयत 55 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अद-दुख़ान तफ़सीर - आयत 55

"वे वहाँ हर क़िस्म के फल अम्न व इत्मीनान [58] से तलब करेंगे।"

[58] दायमी नेअमतें और बे-ख़ौफ़ ज़िंदगी

जन्नत में उन्हें यह इख़्तियार होगा कि वे सिर्फ़ एक इशारे या ख़्वाहिश से जो फल चाहें मँगवा लें, किसी क़िस्म की रोक-टोक नहीं होगी। वहाँ न फलों के ख़त्म होने का कोई अंदेशा होगा और न ही अपनी ज़िंदगी के ख़त्म होने का ख़ौफ़—वहाँ की हर नेअमत हमेशा रहने वाली और दायमी होगी।

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