कुरान - 44:57 सूरह अद-दुखान अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

57
فَضۡلٗا مِّن رَّبِّكَۚ ذَٰلِكَ هُوَ ٱلۡفَوۡزُ ٱلۡعَظِيمُ

Transliteration: (Fadlam mir rabbik; zaalika huwal fawzul 'azeem)

आपके रब के फ़ज़्ल [60] के तौर पर; यही सबसे बड़ी कामयाबी है। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अद-दुखान आयत 57 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अद-दुख़ान तफ़सीर - आयत 57

"आपके रब के फ़ज़्ल [60] के तौर पर; यही सबसे बड़ी कामयाबी है।"

[60] नजात सिर्फ़ अल्लाह के फ़ज़्ल से है

यह आयत सिखाती है कि जहन्नम से बचना और जन्नत की दायमी नेअमतें पाना किसी इंसान की अपनी ताक़त या आमाल के बलबूते पर नहीं बल्कि ख़ालिस अल्लाह तआला के फ़ज़्ल व करम से मुमकिन होता है। ईमान और तक़्वा भी उसी के फ़ज़्ल से नसीब होता है।

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