कुरान - 44:58 सूरह अद-दुखान अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

58
فَإِنَّمَا يَسَّرۡنَٰهُ بِلِسَانِكَ لَعَلَّهُمۡ يَتَذَكَّرُونَ

Transliteration: (Fa innamaa yassarnaahu bilisaanika la'allahum yatazakkaroon)

तो बेशक हमने इस क़ुरआन को आपकी ज़बान में आसान [61] कर दिया, ताकि वे नसीहत हासिल करें [62]। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अद-दुखान आयत 58 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अद-दुख़ान तफ़सीर - आयत 58

"तो बेशक हमने इस क़ुरआन को आपकी ज़बान में आसान [61] कर दिया, ताकि वे नसीहत हासिल करें [62]।"

[61-62] क़ुरआन की आसानी और नसीहत का ज़रिया

अल्लाह तआला ने क़ुरआन-ए-करीम को हुज़ूर नबी-ए-करीम ﷺ की मुबारक ज़बान में बेहद आसान और फ़सीह फ़रमा दिया, ताकि लोग इसे आसानी से समझ सकें, याद कर सकें और इस पर अमल करके अपने लिए हिदायत का रास्ता चुन सकें।

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