कुरान - 6:16 सूरह अल-अनाम अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

16
مَّن يُصۡرَفۡ عَنۡهُ يَوۡمَئِذٖ فَقَدۡ رَحِمَهُۥۚ وَذَٰلِكَ ٱلۡفَوۡزُ ٱلۡمُبِينُ

Transliteration: (Mai yusraf 'anhu Yawma'izin faqad rahimah; wa zaalikal fawzul mubeen)

उस दिन जिस किसी से अज़ाब हटा दिया गया,
तो बेशक उस पर अल्लाह ने रहमत की [32]।
और यही है खुली कामयाबी। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-अनाम आयत 16 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरा अल-अनआम – आयत 16 की तफ़्सीर

✅ [32] रहमत — अज़ाब से निजात

इस आयत में बताया गया कि क़यामत के दिन
जिसको अज़ाब से बचा लिया गया,
वही है वास्तव में रहमत पाने वाला।

➡️ अल्लाह की सबसे बड़ी रहमत यह है कि
बंदा उसके अज़ाब से महफूज़ कर दिया जाए।

❗ क्योंकि अगर किसी पर अज़ाब आ गया,
तो वो रहमत से महरूम हो गया।

➡️ और जिसने अज़ाब से निजात पाई,
उसने कामयाबी की सबसे ऊँची मंज़िल पा ली।

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