Transliteration: (Summa lam takun fitnatuhum illaaa an qaaloo wallaahi Rabbinaa maa kunnaa mushrikeen)
क़ियामत के दिन मुशरिक अपनी शिर्क की हरकतों से इंकार करने की कोशिश करेंगे,
और कहेंगे: "ख़ुदा की क़सम, ऐ हमारे रब! हम तो मुशरिक न थे।"
यह बात किसी ग़लती या भूल से नहीं, बल्कि जानबूझ कर कही गई झूठी बात होगी।
क्योंकि अल्लाह फ़रमाता है:
"उस दिन इंसान को उसकी सारी कोशिशें याद आ जाएंगी" (सूरा 79:35) —
इससे साबित होता है कि हर शख़्स को अपने सारे आमाल का पूरा इल्म होगा।
इसलिए जब कहा गया कि "उन्होंने अपने ख़िलाफ़ झूठ बोला",
तो इसका मतलब यही है कि उनका यह इंकार एक सोचा-समझा झूठ था,
और आयत का मफ़हूम बिल्कुल वाज़ेह और बेहतरीन अंदाज़ में सामने आता है।
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