कुरान - 21:61 सूरह अल-अंबिया अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

61
قَالُواْ فَأۡتُواْ بِهِۦ عَلَىٰٓ أَعۡيُنِ ٱلنَّاسِ لَعَلَّهُمۡ يَشۡهَدُونَ

Transliteration: (Qaaloo fa'too bihee 'alaaa a'yunin naasi la'allahum yash hadoon)

61. उन्होंने कहा, 'फिर उसे लोगों के सामने लाओ ताकि वे (उसके बयान व सज़ा के) गवाह बनें [93] ।' (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-अंबिया आयत 61 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अल-अंबिया — आयत 61 की तफ़सीर

"उन्होंने कहा, 'फिर उसे लोगों के सामने लाओ ताकि वे (उसके बयान व सज़ा के) गवाह बनें [93] ।'"

[93] खुले आम मुहाकमा (अदालत) का इनइक़ाद

नमरूद और उसके सरदारों ने फ़ैसला किया कि इब्राहीम को सबके सामने भरे मजमे में लाया जाए ताकि सब लोग उनकी बात सुनें और जो सज़ा दी जाए उसके गवाह बनें। वे ज़लील करना चाहते थे, मगर अल्लाह ने इसी मजमे को तौहीद की खुली दावत का ज़रिया बना दिया।

Sign up for Newsletter

×

Download Our Quran App

For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.

Download Now