Transliteration: (Qaala Rabbih kum bil haqq; wa Rabbunar Rahmaa nul musta'aanu 'alaa maa tasifoon (section 7))
"रसूल ने दुआ की, 'ऐ मेरे रब! तू हक़ के साथ फ़ैसला फ़रमा दे [172]; और हमारा रब ही रहमान है जिससे उन बातों पर मदद मांगी जाती है जो तुम (झूठ) बयान करते हो!'"
काफ़िरों की मुसलसल सरकशी और हठधर्मी के बाद हुज़ूर (ﷺ) ने अल्लाह के हुज़ूर फ़ैसले की अर्ज़ की। चुनांचे अल्लाह ने जंगे बद्र में हक़ व बातिल का ऐसा फ़ैसला फ़रमाया कि इस्लाम सरबुलन्द हुआ और कुफ़्र के बड़े-बड़े सरदार ज़िल्लत की मौत मारे गए।
और आप (ﷺ) ने फ़रमाया कि मुशरिकों के तमाम झूठे दावों, बुहतानों और साज़िशों के मुक़ाबले में हमारा मुहाफ़िज़ व मददगार सिर्फ़ हमारा मेहरबान रब — रहमान है!
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