कुरान - 21:106 सूरह अल-अंबिया अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

106
إِنَّ فِي هَٰذَا لَبَلَٰغٗا لِّقَوۡمٍ عَٰبِدِينَ

Transliteration: (Inna fee haaza labalaa ghal liqawmin 'aabideen)

106. बेशक इसमें (क़ुरआन में) इबादतगुज़ार लोगों के लिए एक बड़ा पैग़ाम (काफ़ी सामान) है [165] । (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-अंबिया आयत 106 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अल-अंबिया — आयत 106 की तफ़सीर

"बेशक इसमें (क़ुरआन में) इबादतगुज़ार लोगों के लिए एक बड़ा पैग़ाम (काफ़ी सामान) है [165] ।"

[165] क़ुरआने मजीद: कामिल और मुकम्मल हिदायत

क़ुरआने मजीद अल्लाह के नेक और इबादतगुज़ार बंदों के लिए दुनिया व आख़िरत की निजात का मुकम्मल ज़रिया और काफ़ी पैग़ाम है। जो इस पर ईमान लाए और हुज़ूर (ﷺ) की सुन्नत के मुताबिक़ इस पर अमल करे, उसे किसी और निज़ाम या फ़लसफ़े की हाजत नहीं रहती।

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