कुरान - 21:59 सूरह अल-अंबिया अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

59
قَالُواْ مَن فَعَلَ هَٰذَا بِـَٔالِهَتِنَآ إِنَّهُۥ لَمِنَ ٱلظَّـٰلِمِينَ

Transliteration: (Qaaloo man fa'ala haazaa bi aalihatinaaa innahoo laminaz zaalimeen)

59. वे कहने लगे, 'हमारे माबूदों के साथ यह हरकत किसने की? यक़ीनन वह कोई बहुत बड़ा ज़ालिम है!' (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-अंबिया आयत 59 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अल-अंबिया — आयत 59 की तफ़सीर

"वे कहने लगे, 'हमारे माबूदों के साथ यह हरकत किसने की? यक़ीनन वह कोई बहुत बड़ा ज़ालिम है!'"

जब मुशरिक़ीन मेले से वापस आए और अपने माबूदों को ज़मीन पर टूटा-फूटा और बे-बस देखा, तो उनके होश उड़ गए। उन्होंने अफ़सोस और ग़ुस्से में कहा कि हमारे माबूदों की यह दुर्गत किसने बनाई? वह बड़ा ही ज़ालिम है।

अफ़सोस कि वे यह न समझ सके कि जो माबूद अपनी हिफ़ाज़त न कर सके, वे पूजने के लायक़ कैसे हो सकते हैं!

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